रायथु भरोसा (तेलंगाना)
तेलंगाना के किसानों को हर साल ₹12,000 प्रति एकड़ की खेती सहायता, दो मौसमी किस्तों में।
सीधे आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करें
नीचे दिया बटन दबाते ही रायथु भरोसा का अधिकृत भारत सरकार / राज्य सरकार का पोर्टल नए टैब में खुलेगा। किसी भी अनजान वेबसाइट पर अपने निजी दस्तावेज़ जमा न करें और न ही कोई फ़ीस दें।
आधिकारिक पोर्टल सत्यापित
योजना की जानकारी
रायथु भरोसा तेलंगाना सरकार की खेती में निवेश के लिए सहायता योजना है। जनवरी 2025 में इसने रायथु बंधु की जगह ली और मदद ₹10,000 से बढ़कर ₹12,000 प्रति एकड़ सालाना हो गई। पैसा ₹6,000 प्रति एकड़ की दो किस्तों में सीधे किसान के बैंक खाते में आता है: एक वनकालम (ख़रीफ़) के लिए और एक यासंगी (रबी) के लिए। भुगतान भू भारती पोर्टल के ज़मीन रिकॉर्ड के आधार पर होता है और सिर्फ़ खेती लायक़ ज़मीन के लिए मिलता है; सैटेलाइट जाँच में परती, प्लॉटिंग, सड़क या खनन वाली ज़मीन बाहर कर दी जाती है।
किसके लिए है
तेलंगाना के ज़मीन वाले किसान, जिनकी खेती लायक़ ज़मीन भू भारती में दर्ज है
मदद / लाभ का प्रकार
प्रति एकड़ सीधे खाते में पैसा (DBT)
मुख्य लाभ और आर्थिक मदद
- खेती लायक़ ज़मीन पर हर साल ₹12,000 प्रति एकड़ (हर सीज़न ₹6,000 प्रति एकड़)।
- पैसा DBT से किसान के आधार से जुड़े बैंक खाते में आता है।
- जो किसान पहले से भू भारती रिकॉर्ड में हैं, उन्हें हर सीज़न नया आवेदन नहीं करना पड़ता।
- यह पैसा बीज, खाद, मज़दूरी और फ़सल के दूसरे ख़र्च में लगाया जा सकता है; यह लोन नहीं है, लौटाना नहीं पड़ता।
पात्रता की शर्तें
आवेदन से पहले पक्का कर लें कि आप ये सभी सरकारी शर्तें पूरी करते हैं:
- 1तेलंगाना में खेती की ज़मीन का मालिक किसान, जिसकी ज़मीन भू भारती (पट्टादार पासबुक) में दर्ज हो।
- 2सिर्फ़ खेती वाली ज़मीन गिनी जाती है। ग़ैर-कृषि ज़मीन, रियल-एस्टेट प्लॉटिंग और बिना खेती छोड़ी गई ज़मीन बाहर है।
- 3बैंक खाता आधार से जुड़ा हो।
- 4नए पट्टादारों का नाम सीज़न की भुगतान सूची बनने से पहले ज़मीन रिकॉर्ड में अपडेट होना चाहिए।
ज़रूरी दस्तावेज़ों की सूची
इनकी साफ़ स्कैन कॉपी (200 KB से छोटी PDF या JPG) तैयार रखें:
आवेदन कैसे करें (आधिकारिक तरीक़ा)
अपना ज़मीन रिकॉर्ड जाँचें
भू भारती पोर्टल पर देख लें कि ज़मीन आपके नाम पर सही सर्वे नंबर और रकबे के साथ दर्ज है।
कृषि विस्तार अधिकारी से मिलें
नए किसान, या जिनका नाम छूट गया है, वे रायथु वेदिका या मंडल कृषि कार्यालय में AEO को पासबुक, आधार और बैंक की जानकारी की कॉपी दें।
खेती वाली ज़मीन की जाँच
भुगतान सूची बनाने से पहले विभाग मौक़े पर जाँच और सैटेलाइट डेटा से खेती लायक़ ज़मीन की पुष्टि करता है।
किस्त पाएँ
हर सीज़न की शुरुआत में प्रति एकड़ की रकम आपके बैंक खाते में आती है। बैंक से SMS मिलेगा।
रायथु भरोसा से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या बटाईदार किसानों को रायथु भरोसा मिलता है?
पैसा भू भारती में दर्ज पट्टादार को जाता है। बटाईदार किसान अपने AEO से पता करें, क्योंकि उन्हें शामिल करना राज्य के मौजूदा दिशा-निर्देशों और रजिस्टर्ड लीज़ पर निर्भर है।
क्या पीएम-किसान और रायथु भरोसा दोनों मिल सकते हैं?
हाँ। पीएम-किसान केंद्र की योजना है और रायथु भरोसा राज्य की, इसलिए पात्र किसान दोनों का फ़ायदा ले सकता है।
मुझे अपनी पूरी ज़मीन का पैसा क्यों नहीं मिला?
पैसा सिर्फ़ खेती लायक़ ज़मीन का मिलता है। जाँच में ज़मीन का कुछ हिस्सा परती या ग़ैर-कृषि दिखा, तो वह हिस्सा छूट जाता है। ग़लती हो तो अपने AEO से ठीक करवाएँ।

योजना एक नज़र में
राज्य सरकार की योजना
तेलंगाना
किसान और खेती
₹12,000
वनकालम (ख़रीफ़) 2026 के लिए ₹6,000 प्रति एकड़ का भुगतान 30 जून 2026 से शुरू हुआ और लगभग 73 लाख किसानों तक पहुँचा। यासंगी (रबी) 2026-27 की किस्त आम तौर पर दिसंबर-जनवरी के आसपास आती है।
सत्यापित सरकारी स्रोत
रायथु वेदिका के मंडल कृषि अधिकारी / कृषि विस्तार अधिकारी (AEO)
रायथु भरोसा में पक्की मंज़ूरी दिलाने का वादा करने वाले किसी भी एजेंट को पैसे न दें। सरकारी योजनाओं का रजिस्ट्रेशन सिर्फ़ आधिकारिक तरीक़े से ही होता है।
मिलती-जुलती योजनाएँ
ये सरकारी योजनाएँ भी आपके काम की हो सकती हैं:
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान)
देश के सभी ज़मीन वाले किसान परिवारों को हर साल ₹6,000 की सीधी आर्थिक मदद।
प्रधानमंत्री फ़सल बीमा योजना (PMFBY)
प्राकृतिक आपदाओं से फ़सल को होने वाले नुक़सान से बचाने वाला पूरा फ़सल बीमा।

