अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति (PMS-SC)
10वीं के बाद पढ़ने वाले SC छात्रों को पूरी फ़ीस की भरपाई और सालाना भत्ता।
सीधे आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करें
नीचे दिया बटन दबाते ही पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति (SC) का अधिकृत भारत सरकार / राज्य सरकार का पोर्टल नए टैब में खुलेगा। किसी भी अनजान वेबसाइट पर अपने निजी दस्तावेज़ जमा न करें और न ही कोई फ़ीस दें।
आधिकारिक पोर्टल सत्यापित
योजना की जानकारी
अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति SC छात्रों की सबसे बड़ी केंद्रीय छात्रवृत्ति है। इसमें कक्षा 11 और उससे आगे, जैसे ग्रेजुएशन, पोस्टग्रेजुएट, प्रोफ़ेशनल, डिप्लोमा और ITI कोर्स के छात्रों को संस्थान की अनिवार्य, वापस न होने वाली फ़ीस और एक शैक्षणिक भत्ता मिलता है। ख़र्च केंद्र और राज्य 60:40 के अनुपात में बाँटते हैं (पूर्वोत्तर राज्यों में 90:10), और पैसा DBT से छात्र को मिलता है। योजना सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल और राज्यों के छात्रवृत्ति पोर्टल के ज़रिए चलाता है।
किसके लिए है
₹2.5 लाख तक पारिवारिक आय वाले, कक्षा 11 और उससे आगे पढ़ने वाले अनुसूचित जाति के छात्र
मदद / लाभ का प्रकार
छात्रवृत्ति और फ़ीस की भरपाई (DBT)
मुख्य लाभ और आर्थिक मदद
- राज्य की फ़ीस समिति की तय की हुई अनिवार्य, वापस न होने वाली फ़ीस (ट्यूशन, दाख़िला, परीक्षा फ़ीस) की पूरी भरपाई।
- कोर्स और डे-स्कॉलर या हॉस्टल में रहने के हिसाब से साल में ₹2,500 से ₹13,500 तक का शैक्षणिक भत्ता।
- दिव्यांग छात्रों के लिए अतिरिक्त भत्ता।
- पैसा DBT से छात्र के आधार से जुड़े बैंक खाते में।
पात्रता की शर्तें
आवेदन से पहले पक्का कर लें कि आप ये सभी सरकारी शर्तें पूरी करते हैं:
- 1छात्र सक्षम अधिकारी से प्रमाणित अनुसूचित जाति का हो।
- 2सभी स्रोतों से परिवार की सालाना आय ₹2.5 लाख तक हो।
- 3मान्यता प्राप्त संस्थान में कक्षा 11 या उससे आगे, या पोस्ट-मैट्रिक कोर्स (ITI, डिप्लोमा, ग्रेजुएशन, पोस्टग्रेजुएट, प्रोफ़ेशनल) में पढ़ रहा हो।
- 4उसी कोर्स के लिए कोई दूसरी केंद्रीय या राज्य छात्रवृत्ति न ले रहा हो।
ज़रूरी दस्तावेज़ों की सूची
इनकी साफ़ स्कैन कॉपी (200 KB से छोटी PDF या JPG) तैयार रखें:
आवेदन कैसे करें (आधिकारिक तरीक़ा)
अपने राज्य का पोर्टल पता करें
ज़्यादातर राज्य PMS-SC अपने छात्रवृत्ति पोर्टल पर चलाते हैं; बाक़ी राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (scholarships.gov.in) इस्तेमाल करते हैं। देख लें कि आपका राज्य कौन-सा पोर्टल इस्तेमाल करता है।
वन-टाइम रजिस्ट्रेशन पूरा करें
NSP पर आधार और फ़ेस ऑथेंटिकेशन से वन-टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) पूरा करें। राज्य पोर्टल पर उनका अपना रजिस्ट्रेशन होता है।
आवेदन भरें और दस्तावेज़ अपलोड करें
SC छात्रों के लिए पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति चुनें, कोर्स और फ़ीस की जानकारी भरें और जाति, आय व फ़ीस के काग़ज़ अपलोड करें।
संस्थान और ज़िले से जाँच
पहले आपका संस्थान आवेदन की जाँच करता है, फिर ज़िला और राज्य कल्याण कार्यालय उसे मंज़ूर करते हैं।
DBT से भुगतान पाएँ
मंज़ूर फ़ीस और भत्ता आपके बैंक खाते में आता है। स्थिति उसी पोर्टल पर देखें।
पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति (SC) से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
SC पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए आय की सीमा क्या है?
सभी स्रोतों से परिवार की सालाना आय ₹2.5 लाख या उससे कम होनी चाहिए।
क्या निजी कॉलेज की फ़ीस भी मिलती है?
हाँ, राज्य की फ़ीस निर्धारण समिति की तय की हुई अनिवार्य फ़ीस की भरपाई होती है, मान्यता प्राप्त निजी संस्थानों के लिए भी।
आवेदन कहाँ करूँ, NSP पर या राज्य पोर्टल पर?
यह आपके राज्य पर निर्भर है। महाराष्ट्र (महाडीबीटी), उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्य अपने पोर्टल इस्तेमाल करते हैं; बाक़ी NSP। आपके कॉलेज का छात्रवृत्ति सेल बता देगा।

योजना एक नज़र में
केंद्र सरकार की योजना
पूरे भारत में
समाज कल्याण और अल्पसंख्यक सशक्तिकरण
2026-27 के आवेदन NSP और राज्य पोर्टलों पर लिए जा रहे हैं; NSP पर ज़्यादातर पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्तियों की आख़िरी तारीख़ 31 अक्टूबर 2026 है। राज्य पोर्टल अपनी तारीख़ें तय करते हैं।
सत्यापित सरकारी स्रोत
0120-6619540 (NSP हेल्पडेस्क)
helpdesk@nsp.gov.in
पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति (SC) में पक्की मंज़ूरी दिलाने का वादा करने वाले किसी भी एजेंट को पैसे न दें। सरकारी योजनाओं का रजिस्ट्रेशन सिर्फ़ आधिकारिक तरीक़े से ही होता है।
मिलती-जुलती योजनाएँ
ये सरकारी योजनाएँ भी आपके काम की हो सकती हैं:
नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP - पोस्ट-मैट्रिक और मेरिट-कम-मीन्स)
केंद्र और राज्य सरकार की प्री-मैट्रिक और उच्च शिक्षा छात्रवृत्तियों के लिए एक ही राष्ट्रीय पोर्टल।
स्टैंड-अप इंडिया योजना
SC, ST और महिला उद्यमियों को नया कारोबार शुरू करने के लिए ₹10 लाख से ₹1 करोड़ तक का बैंक लोन। योजना मार्च 2025 में ख़त्म हो गई और इसे नए रूप में लाया जा रहा है।
बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना (BSCCS)
बिहार के छात्रों को 12वीं के बाद पढ़ाई के लिए ₹4 लाख तक का शिक्षा लोन, बिना गारंटी।


