नमो लक्ष्मी योजना (गुजरात)
गुजरात में कक्षा 9 से 12 में पढ़ने वाली बेटियों को चार साल में ₹50,000 तक।
सीधे आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करें
नीचे दिया बटन दबाते ही नमो लक्ष्मी का अधिकृत भारत सरकार / राज्य सरकार का पोर्टल नए टैब में खुलेगा। किसी भी अनजान वेबसाइट पर अपने निजी दस्तावेज़ जमा न करें और न ही कोई फ़ीस दें।
आधिकारिक पोर्टल सत्यापित
योजना की जानकारी
नमो लक्ष्मी योजना गुजरात सरकार की योजना है, जिसका मक़सद बेटियों को माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूल में पढ़ाई जारी रखने में मदद करना और उनका पोषण बेहतर करना है। कक्षा 9 से 12 की छात्राओं को चार साल में कुल ₹50,000 मिलते हैं: कुछ पैसा स्कूल के साल में हर महीने और कुछ 10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षा के बाद एकमुश्त। शैक्षणिक वर्ष 2025-26 में राज्य ने 12 लाख से ज़्यादा छात्राओं के लिए लगभग ₹1,250 करोड़ रखे।
किसके लिए है
₹6 लाख तक पारिवारिक आय वाली, गुजरात के स्कूलों में कक्षा 9 से 12 की छात्राएँ
मदद / लाभ का प्रकार
छात्रवृत्ति (DBT)
मुख्य लाभ और आर्थिक मदद
- कक्षा 9 और 10: हर साल 10 महीने तक ₹500 महीना, और 10वीं बोर्ड पास करने पर ₹10,000।
- कक्षा 11 और 12: हर साल 10 महीने तक ₹750 महीना, और 12वीं बोर्ड पास करने पर ₹15,000।
- चार साल में कुल ₹50,000, DBT से छात्रा या माँ के बैंक खाते में।
- जो छात्राएँ 11वीं-12वीं में साइंस लेती हैं, उन्हें इसके साथ नमो सरस्वती विज्ञान साधना योजना का फ़ायदा भी मिल सकता है।
पात्रता की शर्तें
आवेदन से पहले पक्का कर लें कि आप ये सभी सरकारी शर्तें पूरी करते हैं:
- 1गुजरात के किसी सरकारी, अनुदानित या निजी स्कूल में कक्षा 9, 10, 11 या 12 में पढ़ने वाली छात्रा।
- 2परिवार की सालाना आय ₹6 लाख तक (सरकारी और अनुदानित स्कूलों की छात्राओं के लिए ज़्यादातर मामलों में आय की जाँच नहीं होती)।
- 3नियमित हाज़िरी ज़रूरी है; हर महीने के पैसे का एक हिस्सा हाज़िरी से जुड़ा है।
- 4स्कूल गुजरात बोर्ड (GSHSEB) या CBSE से मान्यता प्राप्त हो।
ज़रूरी दस्तावेज़ों की सूची
इनकी साफ़ स्कैन कॉपी (200 KB से छोटी PDF या JPG) तैयार रखें:
आवेदन कैसे करें (आधिकारिक तरीक़ा)
अपने स्कूल के ज़रिए आवेदन करें
स्कूल ही पात्र छात्राओं को राज्य के नमो लक्ष्मी पोर्टल पर रजिस्टर करता है। अपना नाम जुड़वाने के लिए क्लास टीचर या प्रिंसिपल से कहें।
आधार और बैंक की जानकारी दें
छात्रा और माता-पिता का आधार, बैंक की जानकारी और माँगने पर आय प्रमाण पत्र दें।
स्कूल और ज़िले से जाँच
स्कूल दाख़िले और हाज़िरी की पुष्टि करता है; ज़िला शिक्षा कार्यालय सूची को मंज़ूरी देता है।
महीने और बोर्ड परीक्षा का पैसा पाएँ
स्कूल के साल में हर महीने की रकम आती है, और बोर्ड परीक्षा के नतीजे के बाद एकमुश्त रकम मिलती है।
नमो लक्ष्मी से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या निजी स्कूल की छात्राओं को नमो लक्ष्मी मिलती है?
हाँ, गुजरात के निजी स्कूलों की छात्राओं को भी मिलती है, अगर परिवार की सालाना आय ₹6 लाख या उससे कम है।
क्या मैं सीधे ऑनलाइन आवेदन कर सकती हूँ?
नहीं। आवेदन स्कूल के ज़रिए होता है, जो छात्रा को पोर्टल पर रजिस्टर करता है।
अगर बोर्ड परीक्षा में फ़ेल हो जाऊँ तो?
10वीं या 12वीं के बाद वाली एकमुश्त रकम सिर्फ़ बोर्ड परीक्षा पास करने पर मिलती है। पहले मिल चुका मासिक पैसा वापस नहीं लिया जाता।

योजना एक नज़र में
राज्य सरकार की योजना
गुजरात
छात्र और शिक्षा
₹50,000
हर शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत (जून) में स्कूलों के ज़रिए रजिस्ट्रेशन होता है। मासिक भुगतान 10 महीने चलता है; बोर्ड परीक्षा वाली एकमुश्त रकम नतीजे के बाद मिलती है।
सत्यापित सरकारी स्रोत
स्कूल के प्रिंसिपल / ज़िला शिक्षा अधिकारी
नमो लक्ष्मी में पक्की मंज़ूरी दिलाने का वादा करने वाले किसी भी एजेंट को पैसे न दें। सरकारी योजनाओं का रजिस्ट्रेशन सिर्फ़ आधिकारिक तरीक़े से ही होता है।
मिलती-जुलती योजनाएँ
ये सरकारी योजनाएँ भी आपके काम की हो सकती हैं:
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना (उत्तर प्रदेश)
उत्तर प्रदेश में बेटियों को जन्म से ग्रेजुएशन तक 6 चरणों में कुल ₹25,000 की मदद।
कन्याश्री प्रकल्प (पश्चिम बंगाल)
संयुक्त राष्ट्र से सम्मानित योजना, जो बाल विवाह रोकने और बेटियों की आगे की पढ़ाई के लिए शर्तों के साथ पैसा देती है।
तल्लिकी वंदनम (आंध्र प्रदेश)
आंध्र प्रदेश में स्कूल जाने वाले हर बच्चे के लिए माँ को हर साल ₹15,000।


