पीएम विश्वकर्मा कौशल सम्मान
पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को ₹15,000 का टूलकिट और ₹3 लाख तक का कम ब्याज वाला लोन।
सीधे आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करें
नीचे दिया बटन दबाते ही पीएम विश्वकर्मा का अधिकृत भारत सरकार / राज्य सरकार का पोर्टल नए टैब में खुलेगा। किसी भी अनजान वेबसाइट पर अपने निजी दस्तावेज़ जमा न करें और न ही कोई फ़ीस दें।
आधिकारिक पोर्टल सत्यापित
योजना की जानकारी
पीएम विश्वकर्मा योजना MSME मंत्रालय की प्रमुख योजना है, जो हाथ और औज़ारों से काम करने वाले पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को हर तरह की मदद देती है। इसमें विश्वकर्मा पहचान पत्र, ₹500 रोज़ के भत्ते के साथ बेसिक और एडवांस ट्रेनिंग, आधुनिक औज़ारों के लिए ₹15,000, सिर्फ़ 5% ब्याज पर बिना गारंटी लोन और सामान बेचने में मदद मिलती है।
किसके लिए है
18 तय पारंपरिक कामों से जुड़े कारीगर (बढ़ई, लोहार, कुम्हार, दर्ज़ी आदि)
मदद / लाभ का प्रकार
सस्ता लोन और कौशल अनुदान
मुख्य लाभ और आर्थिक मदद
- पीएम विश्वकर्मा का आधिकारिक सर्टिफ़िकेट और डिजिटल पहचान पत्र।
- 5 से 7 दिन की बेसिक ट्रेनिंग और चाहें तो 15 दिन की एडवांस ट्रेनिंग, साथ में ₹500 रोज़ का भत्ता।
- आधुनिक औज़ार ख़रीदने के लिए ₹15,000 का डिजिटल ई-वाउचर।
- बिना गारंटी कारोबार के लिए लोन: पहली किस्त ₹1,00,000 तक (18 महीने के लिए) और दूसरी किस्त ₹2,00,000 तक (30 महीने के लिए), सिर्फ़ 5% ब्याज पर।
- हर डिजिटल लेन-देन पर ₹1 का इनाम, महीने में 100 लेन-देन तक।
पात्रता की शर्तें
आवेदन से पहले पक्का कर लें कि आप ये सभी सरकारी शर्तें पूरी करते हैं:
- 1आवेदक 18 तय पारंपरिक कामों में से किसी एक से जुड़ा कारीगर या शिल्पकार हो (जैसे बढ़ई, नाव बनाने वाले, हथियार बनाने वाले, लोहार, हथौड़ा और औज़ार बनाने वाले, ताला बनाने वाले, मूर्तिकार, सुनार, कुम्हार, मोची, राजमिस्त्री, टोकरी/चटाई/झाड़ू बनाने वाले, नारियल रेशे (कॉयर) का काम करने वाले, गुड़िया और खिलौने बनाने वाले, नाई, माला बनाने वाले, धोबी, दर्ज़ी, मछली पकड़ने का जाल बनाने वाले)।
- 2रजिस्ट्रेशन की तारीख़ पर उम्र कम से कम 18 साल हो।
- 3एक परिवार से सिर्फ़ एक ही सदस्य इस योजना का फ़ायदा ले सकता है।
- 4पिछले 5 साल में ऐसी ही किसी केंद्र या राज्य योजना (PMMY, PMEGP) से लोन न लिया हो।
ज़रूरी दस्तावेज़ों की सूची
इनकी साफ़ स्कैन कॉपी (200 KB से छोटी PDF या JPG) तैयार रखें:
आवेदन कैसे करें (आधिकारिक तरीक़ा)
नज़दीकी CSC (कॉमन सर्विस सेंटर) जाएँ
कारीगर किसी भी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जा सकते हैं या pmvishwakarma.gov.in पर लॉग-इन कर सकते हैं।
आधार ई-केवाईसी
CSC संचालक (VLE) कारीगर का फ़िंगरप्रिंट/आइरिस बायोमेट्रिक या ओटीपी से सत्यापन करता है।
अपना काम चुनें और जानकारी भरें
18 तय कामों में से अपना पारंपरिक काम चुनें और परिवार की जानकारी जमा करें।
तीन स्तर पर जाँच
आवेदन की जाँच पहले ग्राम पंचायत / शहरी स्थानीय निकाय करती है, फिर ज़िला कार्यान्वयन समिति और उसके बाद राज्य स्क्रीनिंग समिति।
विश्वकर्मा सर्टिफ़िकेट डाउनलोड करें
जाँच पूरी होने पर अपना पीएम विश्वकर्मा डिजिटल सर्टिफ़िकेट और पहचान पत्र डाउनलोड करें, ताकि ट्रेनिंग और टूलकिट वाउचर के लिए नाम लिखवा सकें।
पीएम विश्वकर्मा से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पीएम विश्वकर्मा में कौन-कौन से 18 काम शामिल हैं?
इनमें बढ़ई (सुथार), नाव बनाने वाले, हथियार बनाने वाले, लोहार, ताला बनाने वाले, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार, मोची (चर्मकार), राजमिस्त्री, टोकरी/चटाई/झाड़ू बनाने वाले, गुड़िया/खिलौने बनाने वाले, नाई, माला बनाने वाले (मालाकार), धोबी, दर्ज़ी और मछली पकड़ने का जाल बनाने वाले शामिल हैं।
टूलकिट के ₹15,000 लोन हैं या अनुदान?
टूलकिट ख़रीदने के लिए मिलने वाले ₹15,000 पूरी तरह अनुदान (ई-वाउचर) हैं। इन्हें वापस नहीं करना होता।

योजना एक नज़र में
केंद्र सरकार की योजना
पूरे भारत में
कारोबार, MSME और स्टार्टअप
₹3.0 लाख
देश के सभी ज़िलों में आवेदन लगातार खुले हैं।
सत्यापित सरकारी स्रोत
1800-267-7777 / 17923
pm-vishwakarma@gov.in
पीएम विश्वकर्मा में पक्की मंज़ूरी दिलाने का वादा करने वाले किसी भी एजेंट को पैसे न दें। सरकारी योजनाओं का रजिस्ट्रेशन सिर्फ़ आधिकारिक तरीक़े से ही होता है।
मिलती-जुलती योजनाएँ
ये सरकारी योजनाएँ भी आपके काम की हो सकती हैं:
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY)
छोटे कारोबारियों को बिना गारंटी ₹20 लाख तक का लोन (पहले तरुण लोन चुका चुके लोगों को तरुण प्लस में ₹10-20 लाख)।
स्टैंड-अप इंडिया योजना
SC, ST और महिला उद्यमियों को नया कारोबार शुरू करने के लिए ₹10 लाख से ₹1 करोड़ तक का बैंक लोन। योजना मार्च 2025 में ख़त्म हो गई और इसे नए रूप में लाया जा रहा है।

